Other- Puja, Arti, Udyapan

शनि देव के 108 नाम

शनि देव के 108 नाम  शनि देव को न्याय का देवता माना गया है। शनि देव के 108 नामों का जाप करने से शनिदेव प्रसन्न हो जाते हैं  तथा साढ़े साती का प्रभाव भी कम हो जाता है।  शनि देव के 108 नाम इस प्रकार है – ऊँ शनैश्चराय नमः ऊँ शान्ताय नमः ऊँ सर्वाभीष्टप्रदायिने […]

शनि देव के 108 नाम Read More »

श्री राम जी के 108 नाम

1) ऊँ श्री  राम रामाय नम: 2)ऊँ श्री राजीव लोचनाय नम: 3) ऊँ श्री रामभद्राय नम: 4) ऊँ श्री राजेन्द्राय नम: 5) ऊँ श्री जानकी पतये नम: 6) ऊँ श्री परमेश्वराय नम: 7) ऊँ श्री जनार्दनाय नम: 8) ऊँ श्री शत्रुजिते नम: 9) ऊँ श्री सर्वज्ञाय नम: 10) ऊँ श्री बालिमर्दनाय नम: 11) ऊँ श्री

श्री राम जी के 108 नाम Read More »

Vishnu ji ke 108 naam

श्री विष्णु जी के 108 नाम  श्रीविष्णुष्टोत्तरशतनामावलिः ॐ विष्णवे नमः ॐ लक्ष्मीपतये नमः ॐ कृष्णाय नमः ॐ वैकुण्ठाय नमः ॐ गरुडध्वजाय नमः ॐ परब्रह्मणे नमः ॐ जगन्नाथाय नमः ॐ वासुदेवाय नमः ॐ त्रिविक्रमाय नमः ॐ दैत्यान्तकाय नमः ॐ मधुरिपवे नमः ॐ तार्क्ष्यवाहनाय नमः ॐ सनातनाय नमः ॐ नारायणाय नमः ॐ पद्मनाभाय नमः ॐ हृषीकेशाय नमः

Vishnu ji ke 108 naam Read More »

विष्णु सहस्रनाम (Vishnu Sahasranam)

भगवान श्री विष्णु के एक हजार नामों की महिमा अवर्णनीय है। इन नामों का संस्कृत रूप विष्णुसहस्रनाम के प्रतिरूप में विद्यमान है। श्री विष्णुसहस्रनाम पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता, सफलता, आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्त होता है, एवं मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् ।प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥१॥ यस्य द्विरदवक्त्राद्याः पारिषद्याः

विष्णु सहस्रनाम (Vishnu Sahasranam) Read More »

श्री दुर्गा के 108 नाम (Shri Durga 108 Name)

1. सती- अग्नि में जल कर भी जीवित होने वाली2. साध्वी- आशावादी3. भवप्रीता- भगवान् शिव पर प्रीति रखने वाली4. भवानी- ब्रह्मांड की निवास5. भवमोचनी- संसार बंधनों से मुक्त करने वाली6. आर्या- देवी7. दुर्गा- अपराजेय8. जया- विजयी9. आद्य- शुरूआत की वास्तविकता10. त्रिनेत्र- तीन आँखों वाली11. शूलधारिणी- शूल धारण करने वाली12. पिनाकधारिणी- शिव का त्रिशूल धारण करने

श्री दुर्गा के 108 नाम (Shri Durga 108 Name) Read More »

हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम – मंत्र (Hanuman Dwadash Naam Stotram)

॥ श्री हनुमानद्वादशनाम स्तोत्र ॥हनुमानञ्जनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल: । लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा ॥ एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन: ।स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत् ॥ तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्।राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन ॥ हनुमानजी के 12 नाम:1- हनुमान2 – अंजनिपुत्र3 – वायुपुत्र4 – महाबल5 – रामेष्ट6 – फाल्गुनसखा7 – पिंगाक्ष8

हनुमान द्वादश नाम स्तोत्रम – मंत्र (Hanuman Dwadash Naam Stotram) Read More »

संकट  मोचन हनुमानाष्टक (Sankatmochan Hanuman Ashtak)

॥ हनुमानाष्टक ॥बाल समय रवि भक्षी लियो तब,तीनहुं लोक भयो अंधियारों ।ताहि सों त्रास भयो जग को,यह संकट काहु सों जात न टारो ।देवन आनि करी बिनती तब,छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो ।को नहीं जानत है जग में कपि,संकटमोचन नाम तिहारो ॥ १ ॥ बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,जात महाप्रभु पंथ निहारो ।चौंकि महामुनि

संकट  मोचन हनुमानाष्टक (Sankatmochan Hanuman Ashtak) Read More »

मधुराष्टकम् (Madhurashtakam)

मधुराष्टकं में श्रीकृष्ण के बालरूप को मधुरता से माधुरतम रूप का वर्णन किया गया है। श्रीकृष्ण के प्रत्येक अंग, गतिविधि एवं क्रिया-कलाप मधुर है, और उनके संयोग से अन्य सजीव और निर्जीव वस्तुएं भी मधुरता को प्राप्त कर लेती हैं। प्रभु के परमप्रिय भक्त महाप्रभु श्रीवल्लभाचार्य जी को मधुराष्टकं रचना के लिए शत -शत कोटि

मधुराष्टकम् (Madhurashtakam) Read More »

सन्तोषी माता आरती

जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ।अपने सेवक जन की,सुख सम्पति दाता ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ सुन्दर चीर सुनहरी,मां धारण कीन्हो ।हीरा पन्ना दमके,तन श्रृंगार लीन्हो ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ गेरू लाल छटा छबि,बदन कमल सोहे ।मंद हंसत करुणामयी,त्रिभुवन जन मोहे ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी

सन्तोषी माता आरती Read More »

श्री शनि देव: आरती

आरती कीजै नरसिंह कुंवर की ।वेद विमल यश गाउँ मेरे प्रभुजी ॥ पहली आरती प्रह्लाद उबारे ।हिरणाकुश नख उदर विदारे ॥ दुसरी आरती वामन सेवा ।बल के द्वारे पधारे हरि देवा ॥ तीसरी आरती ब्रह्म पधारे ।सहसबाहु के भुजा उखारे ॥ चौथी आरती असुर संहारे ।भक्त विभीषण लंक पधारे ॥ पाँचवीं आरती कंस पछारे ।गोपी

श्री शनि देव: आरती Read More »

error:
Scroll to Top